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Guru Purnima 2019 with chandra grahan

गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति समर्पित एक त्योहार है जिसको सम्पन्न कर अपने गुरु से आशीर्वाद लेना ही इस मुख्य कारण है ।

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक साथ ही पड़ रहे है जिसके कारण कुछ विशेष योग बन रहे है । इससे सूतक के कारण शाम के बाद गुरु पूजा के विधान प्रभावित होंगे। सावन के पहले दिन लग रहे ग्रहण के कारण खास कर शिव भक्तों के लिए बाबा के दर्शन का इंतजार बढ़ जाएगा।

Guru Purnima 2019 time

16 जुलाई की देर रात 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा, मध्य तीन बजे व मोक्ष रात 4.30 बजे होगा। संपूर्ण भारत में दृश्यमान खंड ग्रास चंद्र ग्रहण की पूर्ण अवधि दो घंटा 59 मिनट होगा। यह धनु राशि व उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में होगा। भारत में चंद्रास्त 17 की भोर 5.25 बजे होगा।

यहां दिखाई देगा ग्रहण

यह ग्रहण भारत और अन्य एशियाई देशों के साथ-साथ दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी दिखाई देगा।

कैसा रहेगा असर

इस दिन मंगलवार है और उत्तर आषाढ़ नक्षत्र है। इस ग्रहण के चलते राजनीतिक उथल-पुथल, प्राकृतिक आपदा और भारतीय राजनीति में उतार-चढ़ाव की संभावना है

किस राशि पर क्या होगा असर

-मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि पर चन्द्रग्रहण का अच्छा असर पड़ेगा।

-मिथुन, तुला, मकर और कुंभ राशि पर ठीक प्रभाव नहीं रहेगा।

-वृषभ, कर्क, धनु और कन्या पर चन्द्रग्रहण का प्रभाव मिश्रित रहेगा।

ग्रहों की स्थिति

इस चंद्र ग्रहण के समय राहु और शनि चंद्रमा के साथ धनु राशि में स्थित रहेंगे।

ग्रहों की ऐसी स्थिति होने के कारण ग्रहण का प्रभाव और भी अधिक नजर आएगा।

राहु और शुक्र सूर्य के साथ रहेंगे।

साथ ही चार विपरीत ग्रह शुक्र, शनि, राहु और केतु के घेरे में सूर्य रहेगा।

इस स्थिति में मंगल नीच का हो जाएगा। ग्रहण के समय ग्रहों की ये स्थिति तनाव बढ़ाने वाला साबित होगा। ऐसे में प्राकृतिक आपदाएं आने की आशंका रहेगी।

 

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